BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

शनिवार, 14 सितंबर 2013

हमारी राष्ट्रभाषा



भाषा होती
कैसे बातें करते
फूल तितली

से मकड़ी 
अंग्रेजी की जाल में 
हिंदी जकड़ी

पाना है मान
माता देश भाषा का
करें सम्मान

मौन चकोर 
या लहरो का शोर 
भाषा सबकी

हिंदी है भोली
हर भाषा की बनी 
शरणस्थली

आये ना राम 
विवेकानंद करे
हिंदी उद्धार


सबको प्यारी
जननी जन्मभूमि 
भाषा अपनी


माँ हुयी ममी 
पिता हो गए डेड 
हिंदी  अनाथ

कोने मे खडी
हमारी राष्ट्रभाषा
सहे उपेक्षा

हो गयी बात
इशारो इशारो मे
कथा समाप्त