BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

शनिवार, 14 सितंबर 2013

हमारी राष्ट्रभाषा



भाषा होती
कैसे बातें करते
फूल तितली

से मकड़ी 
अंग्रेजी की जाल में 
हिंदी जकड़ी

पाना है मान
माता देश भाषा का
करें सम्मान

मौन चकोर 
या लहरो का शोर 
भाषा सबकी

हिंदी है भोली
हर भाषा की बनी 
शरणस्थली

आये ना राम 
विवेकानंद करे
हिंदी उद्धार


सबको प्यारी
जननी जन्मभूमि 
भाषा अपनी


माँ हुयी ममी 
पिता हो गए डेड 
हिंदी  अनाथ

कोने मे खडी
हमारी राष्ट्रभाषा
सहे उपेक्षा

हो गयी बात
इशारो इशारो मे
कथा समाप्त

15 टिप्‍पणियां:

  1. नमस्कार आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (15-09-2013) के चर्चामंच - 1369 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. @Arun ji ..apne meri rachna ko charcha anch me sthan diya iskeliye aabhari hu tahedil se .. or maafi bhi chahumgi thodi vyastata ke karan apka msg der dekha .. aj dekhti hu waha hajiri lagaungi .. mafi sahit .. aabhar :)

      हटाएं
  2. उत्तर
    1. swagat evem उत्साह बढ़ने केलिए हार्दिक आभार @Laxman bisnoi ji :)

      हटाएं
  3. भाषा के महत्त्व को सार्थक करते सुन्दर हाइकू ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपके हर हायकू में अनूठापण और ताजगी है. सुन्दर कृति.

    उत्तर देंहटाएं
  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  6. आप्क्र हर हायकू में अनूठापन और ताजगी है. सुन्दर कृति.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. निहार जी .. आपने उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया को पढ़ कर लेखन कुछ हद तक अपने प्रयास में सफल हुआ .. :) आभार दिल se

      हटाएं
  7. बहुत सुन्दर और पैने हाइकु रचे हैं आपने।
    --
    आपके ब्लॉग का कलेवर भी बहुत मनभावन है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. ग़ज़ब के हाइकू ... कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है

    उत्तर देंहटाएं