BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

बुधवार, 14 अगस्त 2013

जश्ने आजादी







सोन चिरैया

उड़ी पंख पसारे

तोड़ बेड़ियां

जश्ने आजादी
शहीदों का तोहफ़ा

ऋणी भारत


स्व - को सम्हाले
तंत्र - है मजबूत
भारत वर्ष

बाँधे सेहरा

चला मृत्यु वरण को 
रणबांकुरा

चुमते शोले
आजादी के दीवाने
दुश्मन जले



दूंगा आहुति
भड़की जो युद्धाग्नि
ना रो भारती


प्यारी आजादी
अमुल्य कुर्बानियां

यूँ ही गँवा दी


मरते नहीं
जवान मर गया
आँखों का पानी

ऐंठा सुमन
गुंथा विजयमाल
रोता चमन


करूँ अर्पण
देश के रखवाले

श्रद्धा सुमन


आजाद देश
गुलाम लोकतंत्र
मची है  क्लेश

रक्त पिपासु 
परजीवी  शासक
रुग्ण जनता

खोखला करे
सत्ताधारी दीमक
देश की जड़े

माता  कराही
लूट  रहे अस्मत
खद्दरधारी

करते दंगा
पहन के तिरंगा
तंत्र है गुंगा

जो है जैसा है
भारत  महान है
मुझे प्यार है