BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

बुधवार, 19 जून 2013

बालिका बधू


 हो गयी बंद
मस्ती की पाठशाला
जीवन शुरू |

ख्वाब थे पाले
महकूँ बन फूल
तोड़े  माली ने |

बालिका बधू
सेंकती बचप
न 
जलते स्वप्न  | 

खूंटे  से बंधे
खींचे गृहस्थी रथ
मासूम कंधे |