BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

मंगलवार, 8 मार्च 2016

ब्याही के स्वप्न



ब्याही के स्वप्न
पारिजात सुमन
झरे रात ही ।

दुर्दिन शाखी
वल्लरी बनी वेलि
कमाऊ पुत्री ।

खिली मंजरी
निखरेगा सौंदर्य
प्रसूति बाद ।