BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

मंगलवार, 7 अप्रैल 2015

सुर्ख गुलाब



आई है पाती
गुलाब अर्क सींची
लिखा है मौन

सुर्ख गुलाब
वफ़ा जफ़ा के रँग
दंश ,चुभन/ उलझा भव 

रोपे गुलाब
पतझड़ में बचे
कंटक झाड़