BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

शनिवार, 11 अप्रैल 2015

ऋतुराज के गीत


रात की रानी
छेड़ती सरगम
रात वीरानी
सोयी दुनिया
देती रही पहरा
रात की रानी
कंक्रीट वन
उगी कोमल दूर्वा
लौटा जीवन

सुन रही हूँ
ऋतुराज के गीत
खिल रहीं हूँ