BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

जय माँ शारदे




बुद्धिदायिनी 

श्वेतवस्त्रावृता  माँ 
हंसावाहिनी
कर दो उज्जवल
अंतर्मन  हमारा 




वीणावादिनी
छेड़ तू सरगम
ज्ञानदायिनी

 आम्र मंजरी
दूँ पुष्पांजलि माते
भर अंजुरी




जग मायावी
हम बच्चे  अबोध
ज्ञानदायिनी 
है शरण  तिहारे 
दे बुद्धि विवेक माँ