BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

मंगलवार, 18 जून 2013

नेह बरसे




सुधा सागर
ममता का आंचल
सुख गागर |

कैसी थी दवा
सूखे थे जख्म सभी 

हो गए जिन्दा ..!!



जिन्दा है  यादे 

साथ जीने के वादे 

मृत है रिश्तें 



ख़्वाबों में तुम 
दिल में  भी तुम हो 
जिन्दा अभी भी ...:)

नन्ही हसती 
बाबुल बचपन 
ज़िंदा करती 

ये लो मैं जीती 
हार के सब कुछ 
दांव प्रीत की 

नेह मिलेगा 
नेह के बदले में 
बांटो जी भर 

प्रेम दीपक 
जले मन मंदिर 
नेह की बाती 

नेह बरसे 
बरसों बाद मिले 
बर्षों बिछड़े