BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

शुक्रवार, 14 नवंबर 2025

बचपन


१)
सांझी अंगीठी 
ऐप पे सुने नन्हा 
दादी के किस्से 

 २)

प्रतियोगिता

हारता बचपन

जीते मां बाप

सुनीता अग्रवाल नेह

३)

लदे है दिन

राजा रानी के संग

दादी नानी के ।

सुनीता अग्रवाल नेह

४)

कागज़ी नौका

बचपन की यादें

हुई सवार ।

सुनीता अग्रवाल नेह

14/11/2025


1 टिप्पणी:

  1. यह हाइकु पढ़ते ही मन सीधे बचपन की गलियों में पहुँच जाता है। आपने बहुत छोटे शब्दों में बहुत बड़ी भावना पकड़ ली है। दादी के किस्से, कागज़ की नाव और खेलता हुआ बचपन, सब आँखों के सामने जीवित हो उठते हैं।

    जवाब देंहटाएं