BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

गुरुवार, 24 सितंबर 2015

टूटा सितारा



आई थी रात
यूँ ही बस मिलने
ठहर गयी

दिखाई दिया
गुमनाम सितारा
टुटा  था  जब

टूटा  सितारा
फिर खो गया कहीं
किसी का  प्यारा