BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'
sedoka लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
sedoka लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

सूरजमुखी रिश्ते

कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ में इतने डूब जाते हैं कि दूसरों को धकेल कर या नीचे गिराकर खुद आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं।दूसरे लोग उनके लिए केवल सीढ़ियाँ होते हैं ऊपर चढ़ने की । उपरोक्त विषय पर आधारित सेदोका एवं तांका जो त्रिवेणी  में प्रकाशित हुये |




तांका
१)



मीठा बोलती 

कोकिल मन मोहे 
मन की काली 
कर्कश काक भला 
मन ममता भरा 



सेदोका 


१)

सजते नहीं 

सूरजमुखी रिश्ते 
जीवन गुलदस्ते 
सुबह खिले 
मुरझा जाते है ये 
सूरज जब ढले 

२)

तपस्यारत 
बगुला नदी तट 
निज उदर हेतु 
भोली मछली 
पहचान न पाती 
खल का ग्रास बनी 



शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

मेरी परछाई



"छाया" विषय पर आधारित सेदोका हिंदी हाइकू में प्रकाशित 
१)

जीवन यात्रा 
तपता मरुस्थल 
मृगतृष्णा का खेल 
थका पथिक 
कैक्टस के वन में 
तलाश रहा छांव 

२)
मुखौटे चढ़े 
भागते हुए लोग 
अजनबी शहर 
इन्हीं में कहीं 
मुझसे रूठ बैठी 
मेरी ही परछाई 


गुरुवार, 25 जुलाई 2013

बहुरुपिया जल



हिंदी हाइकू इ पत्रिका में प्रकाशित सेदोका 

१)
विस्मयकारी 
बहुरुपिया जल 
जीवन गीत कभी 
मौत की धुन 
दर्पण ,मोती कभी 
हीरक झिलमिल । 

२)
 गंगा समाया 
 बना पावन जल 
कीच मिला तो कीच 
संगत जैसी 
गति होगी वैसी ही 
नीर की यही सीख