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सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

जय माँ शारदे




बुद्धिदायिनी 

श्वेतवस्त्रावृता  माँ 
हंसावाहिनी
कर दो उज्जवल
अंतर्मन  हमारा 




वीणावादिनी
छेड़ तू सरगम
ज्ञानदायिनी

 आम्र मंजरी
दूँ पुष्पांजलि माते
भर अंजुरी




जग मायावी
हम बच्चे  अबोध
ज्ञानदायिनी 
है शरण  तिहारे 
दे बुद्धि विवेक माँ
                                

शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

सूरजमुखी रिश्ते

कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ में इतने डूब जाते हैं कि दूसरों को धकेल कर या नीचे गिराकर खुद आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं।दूसरे लोग उनके लिए केवल सीढ़ियाँ होते हैं ऊपर चढ़ने की । उपरोक्त विषय पर आधारित सेदोका एवं तांका जो त्रिवेणी  में प्रकाशित हुये |




तांका
१)



मीठा बोलती 

कोकिल मन मोहे 
मन की काली 
कर्कश काक भला 
मन ममता भरा 



सेदोका 


१)

सजते नहीं 

सूरजमुखी रिश्ते 
जीवन गुलदस्ते 
सुबह खिले 
मुरझा जाते है ये 
सूरज जब ढले 

२)

तपस्यारत 
बगुला नदी तट 
निज उदर हेतु 
भोली मछली 
पहचान न पाती 
खल का ग्रास बनी