BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

गुरुवार, 9 जनवरी 2014

पूस कि रात


झीनी  चादर
दे  गयी  गर्माहट

गगन  तले


सर्द हवाएं
करती  अट्टहास
कांपती धरा




छँटें बादल
अम्बर ने बिखेरे
ख़ुशी के रंग

रेशमी धुंध
फूलों ने पहनी है
श्वेतवल्लरी


झलक दिखा
गुम हुआ सूरज
घना कोहरा

पूस कि रात
फूटपाथ पे मिली
मौत को मात

मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

नवल वर्ष


विगत वर्ष
दर्पण बना रखो
देखना अक्स 



कैनवास  है
आगंतुक बरस
ईश पेंटर

नवल वर्ष 
पतझड़ पश्चात् 
वसंत पर्व




शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013

बटोही साल




फिर मिलेंगे 
देता गया दिलासा 
गुजरा साल 

बटोही साल 
छोड़ गया पोटली 
यादो से भरी

ओस की बुँदे 
खिड़की से फिसली 
चमका रवि 

dew drops 
sliding from glass windows 
sun shine




बदले रंग
मनुष्य वक्त ऋतू
रंग है स्थिर

शीतल छांव
धुप का महादान
गर्वित तरु

श्रम के बीज
खिलाएंगे सुमन
माली की आस