BLOG DESIGNED BYअरुन शर्मा 'अनन्त'

शनिवार, 5 अक्टूबर 2013

मातृ वंदन



जय माँ अम्बे
भव  बाधा तारिणी 
नमो नमस्ते 

सौम्य सरल 
दमके मुख मैया 
पीती गरल 

 मोक्ष दायिनी 
खल दल मर्दिनी 
भक्त वत्सला 

लाल  चुनड़
गले में मुंडमाल 
माँ का श्रृंगार

शारदोत्सव 
सिउली ,कास  करे
मातृ वंदन


पूजा  के फूल 
मंदिरों में भी भक्त
देते कुचल 

जग जननी 
भटक रहा जग 
भर ले  अंक 

मुक्तिदायिनी 
साधना भक्ति तप 
दुर्गम पथ 

चंचल चित्त 
साधू  जितना  इसे 
बहके नित 

साध्य साधता 
साधक तन मेरा मन  बाधक




रविवार, 29 सितंबर 2013

बचपन की यादें


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ढूंढती नानी
खो गयी जाने कहाँ ..
एक कहानी 

लदे है दिन
राजा रानी के संग
नानी दादी के

तितलियों सी 
बचपन की यादें 
हाथ न आती 

आज भी खेले 
बचपन की यादें 
गली मोहल्ले




गुड़िया रानी 
जली मोमबतियां 
बची कहानी 

बरखा रानी 
कागज़ की है नैया 
भिगोना नहीं 

यादो की कश्ती
हिय सिन्धु तैरती 
मंथर गति 







रविवार, 22 सितंबर 2013

बेटी दिवस



किन्नर गाये
बधाई ,लक्ष्मी  जाई
दिन वो  आएं 


रोली ना हिना
बन दीपक की लौ
तम  हरना

बजे नुपूर
या मंदिर की घंटी
बेटी  जो हंसी

छाया  बनती
अभिव्यक्ति तो कभी
आईना  बेटी

बेटी दिवस
मनाओ  मेरी लाडो
घर में बस