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मंगलवार, 5 नवंबर 2024

रंग रोगन


रंग रोगन –
आंखों के काले घेरे
छुप न सके।
सुनीता अग्रवाल नेह 
 4/11/2024

11 टिप्‍पणियां:

  1. जी हार्दिक आभार ।जरूर उपस्थित होंगे 🙏

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  2. गहन मंथन है हाइकु में। बहुत बधाई।

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  3. यह छोटी-सी पंक्ति अपने अंदर बहुत गहराई छिपाए हुए है। "आँखों के काले गहरे" शब्द तुरंत किसी अनकही भावना, दर्द या रहस्य की तस्वीर बना देते हैं। बहरहाल, मेरा यहाँ आने का एक कारण और भी है। हम लोग मुंशी प्रेमचंद जी की आगामी पुण्यतिथी ३१ जुलाई २०२६ के अवसर पर प्रेमचंद महोत्सव के अंतर्गत "५० दिनों में ५० कहानियाँ" बनाने, सुनाने (और जुटाने की भी!) की ओर प्रयासरत है. अगर आपकी रूचि हो तो इस अभियान में आपका सहर्ष स्वागत है.

    अधिक जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी - HindiDiscussionForum dot com
    धन्यवाद!

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    1. धन्यवाद आदरणीय ।पर उस वेबसाइट पर कुछ समझ भी आ रहा कोई लिंक भी ओपन नहीं हो रहा है

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